Friday, September 2, 2022

लक्की नंबर 786



नंबर 786 ! यदि किसी काम से संबंधित 786 नंबर मिल जाए तो समझ लीजिए कि आपका वह काम अवश्य ही अच्छे परिणाम के साथ पूरा होगा। जैसे कि एग्जाम में 786 का रोल मिल जाए या 786 नंबर का सिम कार्ड मिल जाए, यदि गाड़ी का नंबर 786 मिल, जाए यदि दुकान का नंबर 786 मिल जाए, यदि करेंसी नोट का नंबर 786 मिल जाए तो जान लीजिए कि आपकी तकदीर का दरवाजा खुल गया है और अब आपके सारे काम बनने वाले हैं। क्योंकि 786 नंबर लकी नंबर है। अब सवाल उठता है कि 786 नंबर आखिर लकी नंबर कैसे है। 

आज का हमारा विषय यही है कि 786 नंबर लक्की नंबर कैसे है, इसका मतलब क्या है। यह नंबर लकी नंबर कब और कैसे बना। तो चलिए हम इसी बात पर चर्चा करते हैं। 

इस्लाम में 786 नंबर का मतलब "बिस्मिल्लाह उर रहमान ए रहीम" होता है, यानी अल्लाह का नाम। इस्लाम में अल्लाह को 786 नंबर से और 786 नंबर को अल्लाह से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए मुसलमान इस पाक नंबर को अल्लाह के नाम से उत्पन्न हुआ मानते हैं। हालांकि अन्य धर्मों के लोग भी 786 नंबर को लकी नंबर मानते हैं। जिसकी चर्चा हम अपने अगले वीडियो में करेंगे। 

https://luc786.blogspot.com/
क्योंकि 786 नंबर ना सिर्फ मुसलमानों का बल्कि हर एक आदमी का बिगड़ा काम बनाता है। इस नंबर के मिलते ही सभी के तकदीर का दरवाजा खुल जाता है। यदि आप "बिस्मिल्लाह अल रहमान अल रहीम" को उर्दू या अरबी भाषा में लिखते हैं और इसके संख्यात्मक मूल्यों का जोड़ लगाते हैं, यानी Total Numerological Value निकालते हैं तो यह 786 बनेगा। तो इस प्रकार से 786 नंबर अल्लाह का प्रतीक नंबर बन गया।

40+10+8+200+30+1+50+40+8+200+30+1+5+30+30+1+40+60+2=786

हालांकि कुरान में ऐसा कहीं नहीं लिखा गया है कि 786 नंबर अल्लाह का प्रतीक चिन्ह या नंबर है, और ना ही कुरान में ऐसा कहीं बताया गया है कि अल्लाह शब्द के बदले में 786 नंबर लिखा जा सकता है। गौरतलब है कि अरब देश जहां इस्लाम का जन्म हुआ वहां के मुसलमानों को भी इस बात का पता नहीं है कि 786 नंबर अल्लाह का नाम या अल्लाह का प्रतीक चिन्ह है। तो सवाल उठता है कि आखिर 786 नंबर अल्लाह का नाम या नंबर कैसे बना, तो जान लीजिए कि 786 नंबर का जन्म न्यूमैरोलॉजी के माध्यम से हुआ था। जब इस्लाम का विस्तार हुआ और इस्लाम ने भारत में दस्तक दी तो भारत के न्यूमैरोलॉजी के विद्वानों ने 786 नंबर की खोज की और तभी से यह नंबर भारत-पाकिस्तान म्यांमार बांग्लादेश आदि देशों में विख्यात हुआ। 

जैसे जैसे लोगों के काम बनते गए वैसे वैसे यह नंबर आस्था में परिवर्तित होता गया। इस नंबर को लेकर लोगों का विश्वास भी बढ़ता गया और आज ना सिर्फ मुसलमान बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी 786 नंबर को अपना लकी नंबर मानते हैं। तो आज का हमारा विषय था कि 786 नंबर लकी नंबर कैसे बना तो "बिस्मिल्लाह उर रहमान ए रहीम" के कुल संख्यात्मक मूल्य के योग से (sum of total numerological value) 786 बनता है। 786 का जन्म कब कहां और कैसे हुआ। तो इसका जन्म भारत में हुआ। जब इस्लाम भारत पहुंचा तो न्यूमैरोलॉजी के विद्वानों ने इसकी खोज की।


दर्शकों यह मेरा पहला वीडियो है। जिसे मैंने 10 भाषाओं में बनाया है (सॉफ्टवेयर के माध्यम से इंग्लिश को विभिन्न भाषाओं में ट्रांसलेट किया है) मेरा उद्देश्य है कि लक्की नम्बर 786 को पूरी दुनिया में सम्मान मिले और दुनिया के सभी लोग इस नंबर से लाभ उठा सके क्योंकि यह अल्लाह के नाम से पैदा हुआ है।

मेरे प्यारे दर्शकों यदि आपको मेरा यह पहला वीडियो अच्छा लग रहा है तो मेहरबानी करके मेरे चैनल को लाइक और सब्सक्राइब जरूर करें और बैल आइकन को भी दबाए ताकि मेरा अगले वीडियो का नोटिफिकेशन आप लोगों तक तुरंत पहुंच जाए। लकी नंबर 786 को पूरी दुनिया में फैलाने के वास्ते मेरी हेल्प करें और इस वीडियो को अपने दोस्तों में शेयर जरूर करें तभी मेरा यह वीडियो बनाने का उद्देश्य पूरा होगा और तभी लकी नंबर 786 पूरी दुनिया में  मशहूर होगा। 

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